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6 में से कलिमा 3

तीसरा कलिमा

कलिमा तमजीद — كَلِمَة التَّمْجِيد

Category: 6 कलिमेस्रोत: दावते इस्लामी
अरबी पाठ

سُبْحَانَ اللَّٰهِ وَالْحَمْدُ لِلَّٰهِ وَلَا إِلَٰهَ إِلَّا اللَّٰهُ وَاللَّٰهُ أَكْبَرُ وَلَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللَّٰهِ الْعَلِيِّ الْعَظِيمِ

उच्चारण निर्देश (लिप्यंतरण)

“Subhaanallaahi walhamdu lillaahi wa laa ilaaha illallaahu wallaahu akbar, wa laa hawla wa laa quwwata illaa billaahil 'aliyyil 'azeem”

अनुवाद और अर्थ

स्रोत: दावते इस्लामी

अल्लाह पवित्र है, और सब प्रशंसा अल्लाह ही के लिए है, और अल्लाह के सिवा कोई पूज्य नहीं, और अल्लाह सबसे बड़ा है। और न कोई शक्ति है और न कोई बल, सिवाय अल्लाह की मदद के, जो बुलंद और महान है।

अर्थ एवं शैक्षणिक व्याख्या

The Third Kalima (Kalima Tamjeed - Word of Glorification) encapsulates the profound remembrance (dhikr) of Allah. It unites Tasbeeh, Tahmeed, Tahliel, Takbeer, and Hawqala into a comprehensive declaration of divine praise.

ℹ️ 6 कलिमों को समझें & स्रोत: दावते इस्लामी

6 कलिमे बुनियादी इस्लामी विश्वासों को व्यक्त करते हैं: तौहीद का इक़रार, मुहम्मद (ﷺ) की रिसालत की गवाही, अल्लाह की पाकी और बड़ाई, अस्तग़फ़ार और कुफ़्र व शिर्क का इंकार। सलाह लाइव पर सभी कलिमों का पाठ दावते इस्लामी के प्रामाणिक प्रकाशनों पर आधारित है।

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